shree Radha rani bhajan
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अपनी धुन में रहता हूँ राधे राधे कहता हूँ
अपनी धुन में रहता हूँ,
राधे राधे कहता हूँ,
राधे राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे श्री राधे।।
जब से तेरा नाम लिया मेरा,
जीवन सारा बदल गया,
मारा मारा फिरता था मुझे,
एक ठिकाना मिल गया,
मस्ती में अब रहता हूँ,
राधे राधे कहता हूँ,
राधे राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे श्री राधे।।
तेरी किरपा से श्री राधे,
रसिकन का मोहे संग मिला,
ठोकर खाने वाला था,
गुरुदेव ने आकर थाम लिया,
संत शरण में रहता हूँ,
राधे राधे कहता हूँ,
राधे राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे श्री राधे।।
ना जाने दुनिया भर के सब,
कारज कैसे होते है,
जो नहीं लेते नाम तेरा वो,
जाने कैसे जीते है,
हम प्रिया शरण में रहते है,
राधे राधे कहते है,
राधे राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे श्री राधे।।
कहे ‘गोविंद दास' मैं तेरी,
आस लगाए बैठा हूँ,
ना जाने अब कौन गली में,
एक झलक मोहे मिल जाए,
बस्ती बस्ती फिरता हूँ,
राधे राधे कहता हूँ,
राधे राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे श्री राधे।।
अपनी धुन में रहता हूँ,
राधे राधे कहता हूँ,
राधे राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे श्री राधे।।
गायक - श्री गोविंद भार्गव जी।
प्रेषक - ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202
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Tags:#Radha Rani bhajans
