shree Radha rani bhajan
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बरसाने बुला लो ना तेरी दासी तड़पती है
बरसाने बुला लो ना,
तेरी दासी तड़पती है,
मेरी तो श्यामा जू,
जां तुम में बसती है।bd।
तर्ज - बचपन की मोहब्बत को।
एक बार कृपा करके,
बरसाने बुलालो ना,
आंचल में छिपाकर के,
सीने से लगा लो ना,
तुमसे ही तो मैं हूं,
नहीं मेरी कोई हस्ती है,
मेरी तो श्यामा जू,
जां तुम में बसती है।bd।
एक तुम ही तो मेरी,
नहीं और कोई नाता है,
अब तेरे सिवा लाडो,
नहीं मोहे कोई भाता है,
झूठे रिश्तों से तो,
तेरी दासी ये डरती है,
मेरी तो श्यामा जू,
जां तुम में बसती है।bd।
अब बहुत हुआ लाडो,
अब नहीं कहीं जाना है,
‘अभिषेक' को रज में रज,
बनकर मिल जाना है,
ये अंतिम इच्छा है,
नहीं फिर कोई विनती है,
मेरी तो श्यामा जू,
जां तुम में बसती है।bd।
बरसाने बुला लो ना,
तेरी दासी तड़पती है,
मेरी तो श्यामा जू,
जां तुम में बसती है।bd।
Singer / Lyrics - Abhishek Tiwari
प्रेषक - ओम प्रकाश पंचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
99266 52202
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Tags:#Radha Rani bhajans
