भजमन - संतों के संग
अपडेट: 23 अगस्त 20260 व्यूज
18px

बरसाने की राधे रानी झूमें श्याम मुरलिया पे भजन

बरसाने की राधे रानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे,
श्याम मुरलिया पे अरे,
मोहन की मुरलिया पे,
बरसाने की राधे रानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे।।
तर्ज - मेरे उठै विरह की पीर।
वृंदावन की गली गली में,
रास रचाते हो,
वृंदावन की गली गली में,
रास रचाते हो,
मेरे कान्हा की पटरानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे,
बरसाने की राधा रानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे।।
ग्वालिन से तुम छीन छीन कर,
माखन खाते हो,
ग्वालिन से तुम छीन छीन कर,
माखन खाते हो,
ब्रज की महारानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे,
बरसाने की राधा रानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे।।
गाय चराने यमुना तट पर,
मोहन जाते हो,
गाय चराने यमुना तट पर,
मोहन जाते हो,
कान्हा की प्रेम दीवानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे,
बरसाने की राधा रानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे।।
बरसाने की राधे रानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे,
श्याम मुरलिया पे अरे,
मोहन की मुरलिया पे,
बरसाने की राधे रानी झूमें,
श्याम मुरलिया पे।।
- लेखक एवं प्रेषक -
श्री विष्णु जाट।
Ph 8006175301
Video Not Available.
 
शेयर करें:

भक्तों के विचार एवं टिप्पणियाँ

0 टिप्पणियाँ

प्रकाशित टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ लोड हो रही हैं...