भजमन - संतों के संग
अपडेट: 23 अगस्त 20261 व्यूज
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बरसाने वाली की रहमत ना होती भजन लिरिक्स

बरसाने वाली की,
रहमत ना होती,
जिंदगी क्या होती,
कुछ भी ना होती।।
तर्ज - हमें और जीने की।
राधे तेरे नाम का,
सहारा ना मिलता,
भंवर में ही रहते,
किनारा ना मिलता,
किनारे पे भी तो,
लहर आ डुबोती,
जिंदगी क्या होती,
कुछ भी ना होती।।
कहूंगा ना दुखड़ा,
अब मैं किसी से,
कहूं क्यों फ़साना,
अब मैं किसी से,
तेरी गर ना नज़रे,
निगहबान होती,
जिंदगी क्या होती,
कुछ भी ना होती।।
नज़रों में तुम हो,
नज़ारों में तुम हो,
जमीं आसमां में,
सितारों में तुम हो,
तुम जो ना दिल की,
तारों में होती,
जिंदगी क्या होती,
कुछ भी ना होती।।
बरसाने वाली की,
रहमत ना होती,
जिंदगी क्या होती,
कुछ भी ना होती।।
Singer - Shri Deshmukh Vashisth
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