भजमन - संतों के संग
अपडेट: 23 अगस्त 20266 व्यूज
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ब्रज में रतन राधिका गोरी लिरिक्स

ब्रज में रतन राधिका गोरी,
राधिका गोरी राधिका गोरी,
ओ बृज में रतन राधिका गोरी।।
हर लिनी वृषभानु भवन ते,
नन्द सुवन की जोरी,
ओ बृज में रतन राधिका गोरी।।
कुंज निकुंजन विहरत दोऊ,
अरे यमुना तट बन खोरी,
ओ बृज में रतन राधिका गोरी।।
पिय भूज कंद दिए शोभित मन,
घन दामिनी द्युति जोरी,
ओ बृज में रतन राधिका गोरी।।
कृष्णदास प्रभु गिरधर नागर,
नागरी नवल किशोरी,
ओ बृज में रतन राधिका गोरी।।
ब्रज में रतन राधिका गोरी,
राधिका गोरी राधिका गोरी,
ओ बृज में रतन राधिका गोरी।।
स्वर - श्री इंद्रेश जी उपाध्याय।
प्रेषक - ऋषि विजयवर्गीय।
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