भजमन - संतों के संग
अपडेट: 22 अगस्त 20260 व्यूज
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मची होली उड़े रे गुलाल सखी री बरसाने में लिरिक्स

मची होली उड़े रे गुलाल,
सखी री बरसाने में,
ए री हाँ आज बरसाने में,
अजी हाँ आज बरसाने में,
मची होरी उड़े रे गुलाल,
सखी री बरसाने में।।
नंदगांव के ठाकुर प्यारे,
होरी को बरसाना पधारे,
ए री ठाकुर प्यारे,
बरसाना पधारे,
होरी को बरसाना पधारे,
लठ बरसे पकडे ढाल,
सखी री बरसाने में,
मची होरी उड़े रे गुलाल,
सखी री बरसाने में।।
सबरी सखियन देवे गारी,
कीच मचे चहू ओर है भारी,
ये तो देवे गारी,
हांजी देवे गारी,
कीच मचे चहू ओर है भारी,
तेरा चले न कोई वार,
सखी री बरसाने में,
मची होरी उड़े रे गुलाल,
सखी री बरसाने में।।
भर पिचकारा श्याम चलावे,
ऊंची अटारी पे धूम मचावे,
तेरो ‘लाड्ला' है गयौ लाल,
सखी री बरसाने में,
मची होरी उड़े रे गुलाल,
सखी री बरसाने में।।
मची होली उड़े रे गुलाल,
सखी री बरसाने में,
ए री हाँ आज बरसाने में,
अजी हाँ आज बरसाने में,
मची होरी उड़े रे गुलाल,
सखी री बरसाने में।।
- गायक एवं प्रेषक -
भैया कन्नू लाड़ला जी
9411080638
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