shree Radha rani bhajan
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पायो जी मैंने राम रतन धन पायो भजन लिरिक्स
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो,
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो,
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो॥
वस्तु अमोलक दीनी मेरे सतगुरु,
वस्तु अमोलक दीनी मेरे सतगुरु,
किरपा कर अपनायो॥॥
जनम जनम की पूंजी पाई,
जनम जनम की पूंजी पाई,
जग में सभी खोवायो॥॥
खरच न खुटे, चोर न लुटे,
खरच न खुटे, चोर न लुटे,
दिन-दिन बढ़त सवायो॥॥
सत की नाव खेवटिया सतगुरु,
सत की नाव खेवटिया सतगुरु,
भवसागर तर आयो॥॥
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
हरस हरस जश गायो॥॥
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Tags:#Radha Rani bhajans
